जबलपुर पुलिस ने नकली नोट सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया,15 लाख रुपए के नकली नोट किए बरामद, दो गिरफ्तार

जबलपुर
 जिले में नकली नोट के अवैध कारोबार का हनुमानताल पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने नकली नोट बनाने और उन्हें खरीदकर बाजार में चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अभी तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनके पास से 14 लाख 94 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। पुलिस ने नकली नोट खरीदने वाले 3 आरोपियों को मण्डला और एक आरोपी को जबलपुर से गिरफ्तार किया है।

गोहलपुर सीएसपी सुनील नेमा से मिली जानकारी के अनुसार रवि दाहिया को मंडी मदार टेकरी कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार किया था। उस समय आरोपी के पास 2 लाख 94 हजार रुपये के पांच-पांच सौ के नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी जबलपुर के शुक्ला होटल के पीछे घमापुर का रहने वाला था।
मास्टरमाइंड का ऐसे हुआ खुलासा

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आरोपी ने पूछताछ के दौरान एक अन्य व्यक्ति ऋतुराज विश्वकर्मा के बारे में जानकारी दी। रवि ने बताया कि ऋतुराज अपने किराये के मकान में नकली नोट तैयार करता है। पुलिस ने जानकारी के आधार पर आरोपी युवक के घर में दबिश देते हुए उसके गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके पास से प्रिंटर, लैपटॉप, कटर, पेपर कटिंग शीट, व नकली नोट जब्त किये थे।

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मास्टरमाइंड ने उगले चौंकाने वाले राज

ऋतुराज ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वह पिछले 8-9 महीने से नकली नोट बनाने के लिये मेहनत कर रहा था। असली नोट लेकर वह 1 के अनुपात में 3 गुना नकली नोट देता है। उसने धीरज मनवानी, गौरव तिवारी, राकेश तिवारी को जरिया बनाया। इनके माध्यम से मंडला निवासी संतोष श्रीवास्तव और अजय नवेरिया को करीब 12.50 लाख रुपये के नकली नोट देकर चार लाख रुपये के असली नोट लिए थे। इसके अलावा जमुना प्रसाद पटेल निवास शहपुरा को 300000 के नकली नोट दिए थे। पुलिस ने अजय नवेरिया के कब्जे से 9 लाख रुपए और जमुना प्रसाद पटेल तीन लाख रुपए के नकली नोट बरामद किये हैं।

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ऐसे शुरू हुआ नकली नोट का कारोबार

मास्टरमाइंड ऋतुराज बीबीए (बैंकिंग) की पढ़ाई कर रहा था। इसके चलते उसे इंडियन करेंसी से जुड़ी सारी टेक्निकल जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी ने लेपटॉप और प्रिंटर की मदद से 500 के नकली नोट छापे। इन नोटों को असली दिखाने के लिए आरोपी ने हाई क्वालिटी व्हाइट पेपर और महंगे कलर मंगवाए। इसके बाद आरोपी रवि से ऋतुराज की मुलाकात चाय की दुकान पर हुई। यहां पर दोनों ने साजिश रची कि नकली नोट बाजार में चलाएंगे।

 

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